भारत में Cryptocurrency: हिंदी में सम्पूर्ण जानकारी

31 Mar 2021  Read 216 Views

जैसा कि हम सभी जानते है कि प्राचीन काल में वस्तु-विनिमय प्रणाली का प्रयोग बहुतायत से होता था। जैसे-जैसे मानव सभ्यता का विकास हुआ, वैसे-वैसे विनिमय प्रणाली में अनेक प्रकार के बदलाव आए तथा आज हमारे सामने अनेक प्रकार के विकल्प उपलब्ध है।

आज के जमाने में हमारे सामने जहां एक और पेपर मनी तथा सिक्के है तो वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि के रूप में डिजिटल मनी की सुविधा भी उपलब्ध है तथा यह सारा सिस्टम सेंट्रल या कॉमन अथॉरिटी द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

Cryptocurrency भी इसी प्रकार की एक डिजिटल करेंसी है लेकिन यह Decentralized फॉर्मेट में होती है अर्थात इसके Transactions में किसी भी प्रकार की सेंट्रल अथॉरिटी या फिर सर्वर की भागीदारी नहीं होती है।

Cryptocurrency क्या है?

Cryptocurrency एक डिजिटल करेंसी है जिसका उपयोग ट्रेडिंग तथा transactions में किया जाता है एक प्रकार से यह भी पेपर करेंसी का ही काम करती है लेकिन ये फिजिकल फॉर्मेट में नहीं होती। इसके बारे में सबसे मजेदार बात यह है कि यह एक Decentralized करेंसी है अर्थात किसी भी प्रकार की सरकारी संस्था या सरकार इसको नियंत्रित नहीं कर सकती।

यह मुख्यतः क्रिप्टोग्राफ़ी के सिद्धांत पर काम करती है। क्रिप्टोग्राफ़ी में कोड्स की सहायता से इनफार्मेशन का प्रोटेक्शन किया जाता है तथा यह जानकारी केवल उसी व्यक्ति द्वारा पढ़ी जा सकती है जिसके लिए यह बनाई गयी है।

ऐसा माना जाता है कि इस प्रकार के Transactions में किसी भी प्रकार के डुप्लीकेट ट्रांसक्शन होने की बिल्कुल भी सम्भावना नहीं होती। बहुत सारी Cryptocurrencies decentralized नेटवर्क पर काम करती है जिसे ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाता है। यह एक रेकॉर्ड्स की लिस्ट होती है जो समय के साथ बढ़ती जाती है। इसके अलावा इनमें एक एकल नेटवर्क भी होता है जिसे mining के नाम से भी जाना जाता है तथा इसी में सारा फण्ड रखा जाता है। एक ऐसी प्रक्रिया जिसके द्वारा Cryptocurrency को वेलिडेट किया जाता है, Mining कहलाती है। Bitcoin, Litecoin, Ethereum, Z-cash आदि कुछ Cryptocurrencies के उदाहरण है।

Cryptocurrency को खरीदा कैसे जाता है?

आपको एक डिजिटल वॉलेट खुलवाना होगा। यही वो जगह होती है जहां आप अपनी करेंसी को रख सकते है तथा वस्तुओं या सेवाओं की खरीददारी या बिकवाली कर सकते है।

जब भी बात Cryptocurrency की हो रही हो तो सबसे पहले नाम बिटकॉइन का आता है। सबसे पहली Cryptocurrency बिटकॉइन ही थी तथा उसके बाद अन्य अस्तित्व में आए जैसे - Ethereum, Litecoin Dark, coin dash, आदि

बिटकॉइन की शुरुआत बाजार में सन 2009 में हुई तथा उसके बाद से आज तक क्रिप्टो करेंसी के मामले में बिटकॉइन का नाम सबसे आगे आता है। केवल 2017 में ही इसकी वैल्यू $1000 से बढ़कर $19000 से भी ज्यादा हो गयी।

Ethereum एक अन्य क्रिप्टो करेंसी है जो 2015 में अस्तित्व में आई। इसके बारे में ख़ास बात यह है कि इसमें आपको बिना किसी प्रकार के स्कैम या धोखाधड़ी के स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स तथा DApps Usage की सुविधा मिलती है। इसके अलावा यह 3rd पार्टी इंटरेक्शन को भी रेगुलेट करता है।

Litcoin भी एक Cryptocurrency जो 2011 में शुरू हुई थी तथा यह लगभग बिटकॉइन से मिलती-जुलती ही है। इसके बारे में ख़ास बात यह है कि इसमें transaction तेज गति से होते है।

भारत में Cryptocurrencies इतनी फेमस क्यों है?

भारत में Cryptocurrency की मांग तथा प्रसिद्धि में लगातार वृद्धि हो रही है तो आइये इसके कुछ कारणों के बारे में जानते है -

1. मानवीय हस्तक्षेप से स्वतंत्र -

Cryptocurrency को ऑनलाइन इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन के लिए बहुत ज्यादा प्रेफर किया जाता है। चूंकि यह एक डिजिटल करेंसी है तथा Decentralized है तो इसमें किसी भी प्रकार की सरकार या मनुष्य का हस्तक्षेप नहीं होता है।

जब भी कोई बिज़नेस इंटरनेशनल स्तर पर Transactions करना चाहता है तो यह काफी आसान तरीका है। इसीलिए कई कंपनियां इसको काफी ज्यादा पसंद करती है।

सरकारी लापरवाही के कारन पैसों की गड़बड़ी होने के सम्भावना इसमें 0 हो जाती है। इसीलिए इसको बहुत ज्यादा पसंद किया जा रहा है।

2. आसान उपयोग तथा पारदर्शिता -

इनकी वैल्यू भी इंटरनेशनल मार्किट में उसी प्रकार से बदलती रहते है जिस प्रकार से स्टॉक्स की वैल्यू बदलती रहती है। आप इनमें निवेश भी कर सकते हो। इसलिए इनका उपयोग करेंसी के तौर पर तथा निवेश के तौर पर भी किया जा सकता है ।अगर हम पिछले कुछ सालों की बात करे तो इसने रिटर्न भी काफी अच्छे दिए है।

इसके अस्तित्व के कारन ही अनेक प्रकार के स्टार्टअप्स सामने आए तथा ऐसी अनेक कंपनियां खुलने लगी जो ब्लॉकचैन के लिए सॉफ्टवेयर बनाती है। इसके कारन क्रिप्टो का चलन ओर बढ़ गया।

3. सिक्योर्ड ट्रांजैक्शन -

अनेक एक्सपर्ट्स यह दावा करते है कि cryptocurrencies तथा ब्लॉकचैन को हैक करना असंभव है। इसके अलावा ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का डाटा सभी लोगों द्वारा देखा जा सकता है। इसके कारण इसमें ट्रांसक्शन फीस के नाम पर धोखाधड़ी भी नहीं होती है।

सभी प्रकार का डाटा हर क्षण अपडेट होता रहता है जिसके कारण पारदर्शिता बनी रहती है। इसके अलावा इसमें एक बार ट्रांजैक्शन पूर्ण होने के बाद इसको रिवर्स नहीं किया जा सकता।

यही इसकी सुरक्षा को बढ़ता है जिसके कारण किसी भी प्रकार की 3rd पार्टी का हस्तक्षेप संभव नहीं है तथा इसमें सारा काम टेक्नोलॉजी के द्वारा ही सम्पन्न होता है जिसके कारण किसी प्रकार के मानवीय फ्रॉड की सम्भावना भी नहीं रहती।

4. ट्रांसक्शन्स की स्पीड -

इनमे होने वाले ट्रांसक्शन्स बिजली की गति से होते है। इसमें एक समय में एक से ज्यादा प्रकार के ट्रांसक्शन बिना किसी समस्या के संपन्न हो सकते है। इसके कारण ही लोग तथा अनेक बिज़नेस इस करेंसी को इतना सपोर्ट करते है।

Cryptocurrency के जन्म से लेकर आज तक इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है तथा अनेक एक्सपर्ट्स इसको भविष्य की करेंसी मानते है लेकिन अलग-अलग लोगों की इसके बारे में अलग अलग राय है। लेकिन यह तो कहा जा सकता है कि यह अपने आप में एक अलग या यूनिक टाइप की करेंसी है।

क्या Cryptocurrencies भारत में लीगल है?

एशिया के कई देशों जैसे चीन आदि में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है तथा भारत में भी इसके ट्रांसक्शन्स की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है लेकिन जब इसकी लोकप्रियता बढ़ने लगी तभी भारतीय फ़ेडरल गवर्नमेंट ने इसको बैन करने का प्लान बनाया।

निवेशकों की सुरक्षा को लेकर RBI चिंतित है। चूँकि Cryptocurrency की वैल्यू में बहुत कम समय में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आ जाता है इसलिए यह भी एक चिंता वाली बात है।

इसके माध्यम से एक नए प्रकार की धोखाधड़ी तथा इंटरनेट फ्रॉड का भी जन्म हो सकता है लेकिन इसके Transactions की बढ़ती संख्या इसकी वैल्यू बढ़ने के लिए जिम्मेदार है।

सन 2018 में RBI ने कमर्शियल बैंक्स को क्रिप्टो ट्रेडर्स तथा सेवाओं को बैन करने का आदेश दिया लेकिन मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे बैन को समाप्त कर दिया तथा इसी समय कोरोना वायरस ने भी दस्तक दी थी।

इस समय पूरे भारत में Lockdown तथा सरकारी प्रतिबंध लगे हुए थे तथा इस समय Cryptocurrency का चलन ओर ज्यादा बढ़ा।

क्रिप्टो एक्सचेंज -

Crypto एक्सचेंज में 10 गुना से भी ज्यादा की वृद्धि देखी गयी। इसके अलावा USA के क्रिप्टो एक्सचेंज ने भी अप्रैल से भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज के साथ मिलकर इंटरनेशनल क्रिप्टो ट्रांसक्शन्स को ओर बढ़ावा दिया है। चूँकि कोरोना के कारण अनेक ट्रेडिशनल एसेट्स की वैल्यू में भारी गिरावट आई इसके कारण डिजिटल करेंसी को ओर बढ़ावा मिला।

जून 2020 में वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार ने इसको बैन करने पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया। लेकिन क्रिप्टो एक्सचेंज के अधिकारीयों ने यह दावा किया कि क्रिप्टो को भी विनिमय प्रणाली के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है तथा इसको बैन करने से काफी लोगों को सीधा फर्क पड़ेगा। 

निष्कर्ष 

पूरे विश्व में क्रिप्टो करेंसी को लेकर लोगों के अलग-अलग मत तथा अलग-अलग विचार है तथा इसके आधार पूरा विश्व 2 भागों में बंटा हुआ है। कुछ लोग ऐसा चाहते है कि इस नई डिजिटल करेंसी के चलन को ओर ज्यादा बढ़ावा मिलना चाहिए तो वही दूसरी ओर कुछ लोग इस सिस्टम को खतरनाक बता रहे है लेकिन इन दोनों मतों के बावजूद क्रिप्टो करेंसी का चलन बढ़ते ही जा रहा है।

एक ओर जहां Bill Gates, AI Gore (नोबेल प्राइज विजेता), Richard Branson आदि क्रिप्टो करेंसी को सपोर्ट कर रहे है तो वही दूसरी ओर Waren Buffet, Paul Krugman, Richard Shiller जैसे लोग इसके विरोध में है तथा इसको एक पोंज़ी स्कीम बताते है जो भविष्य में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है।

हालाँकि कुछ Cryptocurrencies के तार आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े हुए मिले है अतः भविष्य में इसके रेगुलेशन से सम्बंधित नियमों के आने की भी सम्भावना है।

अनेक भविष्यवादी इस बात का दावा करते है कि 2030 तक 25% से ज्यादा नेशनल करेंसी का स्थान क्रिप्टो करेंसी ले लेगी। इससे हम यह निष्कर्ष निकल सकते है कि काफी लोग क्रिप्टो करेंसी में भरोसा करने लग जाएंगे। जैसे-जैसे ज्यादा लोग इसको करेंसी के रूप में स्वीकार करना शुरू करेंगे वैसे-वैसे इसकी वैल्यू में भी वोलैटिलिटी बढ़ती जाएगी तथा इसकी वैल्यू में बहुत तेजी से उतार-चढाव आने जारी रहेंगे।

धन्यवाद !!

About the Author: Koja Ram | 28 Post(s)

Koja Ram is a 2nd year B Tech student at National Institute of Technology Jalandhar pursuing Chemical Engineering. He has a great ability to explain complicated financial terms in simple hindi language. He has an aim to make India financially literate. 

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