Ketan Parekh Scam की पूरी जानकारी

28 Jan 2021  Read 3187 Views

शेयर मार्केट हमेशा से ही लोगों के बीच एक चर्चा का विषय रहा है। अनेक लोग शेयर मार्किट में निवेश करने को प्राथमिकता देते है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो इसको एक सट्टा समझते है। वारेन बुफे ने शेयर मार्केट में निवेश करके इतिहास रच दिया लेकिन वहीं कुछ ऐसे भी लोग है जो यहां निवेश करके दिवालिया हो गए। सेबी एक ऐसी संस्था है जो भारतीय शेयर मार्केट में होने वाली घटनाओं पर एक निगरानी रखती है लेकिन फिर भी कुछ लोगों ने नियम कायदों को तोड़ते हुए या फिर नियमों में किसी प्रकार की कमी खोजकर यहां पर करोड़ों रूपये छापने की कोशिश की है।  

Ketan Parekh Scam Case एक ऐसा ही केस है जो भारतीय शेयर मार्केट के इतिहास के सबसे बड़े स्कैम्स में से एक है तथा केतन पारेख द्वारा किए गए घोटाले आज भी कई लोगों के लिए एक रहस्य है। 

आज के इस आर्टिकल में हम Ketan Parekh Scam के बारे में जानने की कोशिश करेंगे -

Ketan Parekh कौन है?

शेयर मार्केट में काम करने की कला केतन पारेख को विरासत में मिली थी। हर्षद मेहता ने भी केतन पारेख को स्टॉक मार्केट के कई गुर सिखाए।  

केतन पारेख एक चार्टर्ड अकाउंटेंट था इसलिए शेयर मार्केट को समझना उसके लिए थोड़ा आसान था और इसलिए उसने स्टॉक मार्केट में काफी नाम कमाया। 

केतन पारेख द्वारा लिए जाने वाले निवेश से संबंधित निर्णयों पर सभी अन्य निवेशक एक पैनी नजर रखते थे तथा सभी निवेशकों को ऐसा लगता था कि केतन पारेख द्वारा लिए जाने वाले निर्णय बिलकुल सटीक ही होते है लेकिन हकीकत में यह बात सच नहीं थी। उसकी होल्डिंग्स में मुख्यतः Information, Communication तथा एंटरटेनमेंट सेक्टर के स्टॉक होते थे तथा इसको संक्षिप्त में ICE सेक्टर के नाम से भी जाना जाता है।  

उसके पोर्टफोलियो में 10 स्टॉक्स थे जिनको K-10 stocks के नाम से भी जाना जाता है। वह मुख्यतः कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग करता था जहां पर निगरानी उतनी ज्यादा नहीं थी और इसकी वजह से उसने 1999 से 2000 के बीच शेयर मार्केट में काफी हलचल पैदा की।  

Ketan Parekh Scam: सफलता का दुखद अंत 

केतन पारेख स्कैम में मुख्यतः 2 प्रकार की योजनाओं के माध्यम से धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था जो इस प्रकार है - 'Circular trading' तथा 'Pump and dump Scheme' 

  • Pump and Dump Scheme :- इस योजना में वह किसी कंपनी के 20 से 30% तक शेयर खरीद लेता था जिससे उस कंपनी के शेयर्स की मांग बहुत बढ़ जाती थी और इसके कारण शेयर की कीमत में भी बढ़ोतरी होती थी। जब एकाएक शेयर की कीमत में उछाल आता था तो अन्य निवेशक भी उस स्टॉक की ओर आकर्षित होते थे। इससे कीमत और बढ़ जाती थी। एक बार जब शेयर की कीमत में काफी ज्यादा बढ़ोतरी आ जाती थी तो वह उन शेयर्स को बेचकर अपना मुनाफा कमा लेता था।  

  • Circular Trading :- इस प्रकार की ट्रेडिंग में वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी को अंजाम देता था। वह अपने कुछ साथियों को यह आदेश देता था कि किसी विशेष कंपनी के शेयर्स में जमकर खरीददारी तथा बिकवाली की जाए। इससे उस कंपनी के ट्रेड होने वाले शेयर्स का वॉल्यूम बहुत ज्यादा बढ़ जाता था। जो निवेशक वॉल्यूम के हिसाब से अपने निवेश सम्बन्धी निर्णय लेते है वो इस बढे हुई वॉल्यूम को देखकर उस कंपनी के शेयर्स को खरीदने लगते थे जिससे उस कंपनी के शेयर्स की कीमत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी देखी जाती थी। जब शेयर्स की कीमत में वृद्धि होती थी तो वह अपने पहले से खरीदे हुए शेयर्स को बेचकर भारी प्रॉफिट कमा लेता था जिसमे से कुछ हिस्सा अपने साथियों को दे देता था तथा बाकि सारा पैसा अपने पास रख लेता था। इस प्रकार की ट्रेडिंग को Badla System के नाम से भी जाना जाता था।  

हालाँकि इस प्रकार की ट्रेडिंग करने के लिए काफी ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ती है।  

                                 

उसके पास इतने पैसे कैसे आए?

आइये सबसे पहले यह समझते है कि एक Pay Order क्या होता है। सरल शब्दों में Pay Order एक चेक की तरह ही होता है जो बैंक द्वारा कस्टमर्स को तब दिया जाता है जब कस्टमर एडवांस राशि का भुगतान बैंक को करता है। उसने Madhavapura Mercantile Commercial Bank (MMCB) के शेयर्स खरीदे तथा उसके बाद MMCB से ही उसने Payment Orders के रूप में काफी ज्यादा लोन ले लिया। जब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी होने लगी तो उसने उन Pay Orders को अन्य बैंकों जैसे HCFL तथा UTI में गिरवी रख दिया। लगभग 13 लाख Pay Orders जारी किए गए थे। उसने यह काम साल 2000 के कुछ शुरुआती महीनों तक किया। उसकी लोन की राशि लगभग 750 मिलियन के आसपास थी। उसने कंपनी के प्रोमोटर्स तथा मालिकों से भी काफी ज्यादा पैसा वसूल लिया तथा उनसे यह वादा किया कि वह कंपनी के शेयर की कीमत को और बढ़ा देगा।  

उसने उस समय Aftek Infosys, Zee telefilms, Himachal Futuristic, Silverline technologies आदि स्टॉक्स में निवेश किया। Zee Telefilms के शेयर की कीमत 127 रूपये से 2330 रूपये तक पहुंच गई थी। Visual Soft के शेयर की कीमत 625 रूपये से 8448 रूपये तक पहुंच गयी थी। अनेक शेयर्स पर उसको 200% से भी ज्यादा का रिटर्न मिला।  

लेकिन यह कुछ ही दिनों की हरियाली थी। RBI तथा SEBI की नजर जैसे ही इसपे पडी उन्होंने तुरंत भांप लिया कि कुछ तो गड़बड़ है। मार्च 2000 में उसको गिरफ्तार कर लिया गया तथा 53 दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में रखा गया। 1 मार्च 2000 को शेयर मार्केट 176 से भी ज्यादा पॉइंट्स से क्रैश हो गया तथा निवेशकों ने 2000 करोड़ से भी ज्यादा की राशि खो दी। उसको शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के लिए 15 सालों तक प्रतिबंधित कर दिया गया तथा 1 साल की जेल की सजा भी सुनाई गयी। भारतीय स्टॉक मार्केट के इतिहास के सबसे बड़े फ्रॉड्स में से एक फ्रॉड यह भी था। 

इसके बाद SEBI ने अनेक प्रकार के नियम तथा कानून पारित किए। Badla System तथा Circular Trading पर प्रतिबंध लगा दिया गया। स्टॉक एक्सचेंज से जुड़े सभी खातों का वार्षिक तौर पर निरिक्षण किया जाने लगा।  

हालाँकि उसको ट्रेडिंग करने के लिए प्रतिबबन्धित कर दिया था लेकिन फिर भी यह अफवाह थी कि उसने अपने आदमियों के माध्यम से ट्रेडिंग चालु रखी थी। सन 2008 में अनेक कंपनियों से उसके बारे में पूछताछ की गयी तथा उसकी सहायता करने वाली कंपनियों पर अनेक प्रकार के प्रतिबंध लगा दिए गए। क्या वो अभी भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग करता है या नहीं? यह एक कौतुहल का विषय है।  

हम आशा करते है कि केतन पारेख से जुडी हुई यह जानकारी आपको पसंद आई होगी तथा आप जरूर कुछ नया सीख पाएंगे।  

धन्यवाद !!

About the Author: Koja Ram | 32 Post(s)

Koja Ram is a 2nd year B Tech student at National Institute of Technology Jalandhar pursuing Chemical Engineering. He has a great ability to explain complicated financial terms in simple hindi language. He has an aim to make India financially literate. 

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