पहली बार Invest करते समय निवेशकों द्वारा की जाने वाली 7 गलतियां

22 Apr 2021  Read 344 Views

शेयर मार्किट में हर दिन नए निवेशक निवेश करना शुरू करते है तथा जो भी निवेशक पहली बार अपने कदम यहां रखते है उनमें से अधिकांश निवेशकों ने शेयर मार्किट के बारे में सारी अच्छी-अच्छी बातें ही सुन रखी होती है लेकिन निवेश शुरू करने के बाद उनको आभास होता है कि बिना रिसर्च के निवेश  करना उनके लिए खतरे की घंटी हो सकती है।

शेयर मार्किट में निवेश करके पैसा कमाने के लिए आपको अच्छे से रिसर्च करना होता है तथा उसके बाद अपने निवेश को पूरा समय देना होता है ताकि लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न मिल सके। जो लोग यहां रातोरात अपना पैसा दुगुना करना चाहते है उनके हाथ निराशा लग सकती है।

जब बात सिखने की आती है तो अनेक निवेशक उसको गंभीरता से नहीं लेते इसकी बजाय वो इधर-उधर के टिप्स पर भरोसा करके अपना पैसा निवेश कर देते है तथा वही गलतियां अनेक निवेशक दोहराते रहते है।

शायद इसी वजह से अनेक निवेशक शेयर मार्केट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते क्योंकि अनेक निवेशक बिना रिसर्च के कम समय में बहुत ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है।

लेकिन अगर आप अपनी गलतियों से लगातार सीखते जाओ तो आप एक दिन इन गलतियों को करना कम कर दोगे तथा उसके बाद आपको भी शेयर मार्किट में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

तो आइये ऐसे ही कुछ पॉइंट्स की चर्चा विस्तार से करते है -

First-time Investors द्वारा की जाने वाली कुछ सामान्य गलतियां

हम कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बात करने वाले है जो अधिकांश नए निवेशक पहली बार निवेश करते समय करते है -

1. सही एडवाइजर का चयन न करना

जब भी कोई निवेशक पहली बार शेयर मार्किट में निवेश करता है तो वो भी अक्सर उसी व्यक्ति को अपना एडवाइजर चुनता है जो उसके फ्रेंड या रिश्तेदार या किसी जान पहचान वाले ने चयन किया था।  यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसा कोई जरूरी नहीं है कि जो एडवाइजर एक व्यक्ति के लिए सही हो वो दूसरे व्यक्ति के लिए भी सही ही होगा।

किसी भी इन्वेस्टमेंट एडवाइजर का चयन करने से पहले आपको अपने फाइनेंसियल गोल्स का एनालिसिस करना चाहिए उसके बाद आपको यह भी पता लगाना चाहिए कि आप जिस एडवाइजर का चयन कर रहे है वो किस प्रकार के क्लाइंट्स के साथ काम कर रहा है तथा उसका अनुभव कैसा है तथा उसकी क्वालिफिकेशन क्या है। इन्ही सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए आपको अपने फाइनेंसियल एडवाइजर का चयन करना चाहिए।

2. Trendy इन्वेस्टमेंट करना

कई बार जब किसी कंपनी का IPO लांच होता है तो इधर उधर की बातें सुनकर नए निवेशक उसका रिसर्च किए बिना ही उसमे इन्वेस्ट कर देते है या फिर जो स्टॉक काफी चर्चा में चल रहा होता है उसी में निवेश कर देते है।

जब भी नए निवेशक रिसर्च किए बिना इस प्रकार के ट्रेंडी स्टॉक्स में निवेश करते है तो उसमे लॉस होने की संभावनाए बढ़ जाती है तथा कई बार निवेशक भारी राशि खो देते है।

3. केवल 52 Week Low पर होने के कारन किसी खराब स्टॉक को खरीद लेना

52 Week Low का मतलब यह होता है कि वह स्टॉक पूरे फाइनेंसियल ईयर की अपनी सबसे कम कीमत पर ट्रेड कर रहा है। स्टॉक्स तथा इंडेक्स के लिए 52 Week Low हर दिन की Closing Price के हिसाब से निश्चित होता है।

हर निवेशक के मन में यही इच्छा रहती है कि वह स्टॉक्स को कम से कम कीमत पर खरीद ले तथा जब इसकी कीमत में बढ़ोतरी आए तो ज्यादा से ज्यादा कीमत पर इसको बेच दे। इसी मानसिकता के कारण ही निवेशकों को 52 Week Low एक अच्छा अवसर लगता है लेकिन हमें केवल स्टॉक की कीमत को देखकर ही उसको खरीदने या बेचने का निर्णय नहीं लेना चाहिए जबकि कुछ अन्य फैक्टर्स का भी साथ में ध्यान रखना चाहिए।

अगर किसी स्टॉक के फंडामेंटल्स कमजोर है तो भले ही वह अपने 52 Week Low पर ही क्यों न ट्रेड कर रहा हो आपको उसमे निवेश नहीं करना चाहिए। 

4. रियल टाइम मार्किट को देखकर अपने निर्णय लेना (Panic Selling)

हालाँकि जब भी मार्किट गिरता है तो एक निवेशक होने के नाते चिंतित होना एक सामान्य बात है तथा अपने पैसों को खोने का डर हर किसी के मन में होता है।

लेकिन अगर आपने अच्छी तरीके से अपने पोर्टफोलियो को Diversify कर रखा है तथा अपने इन्वेस्टमेंट को आप समय-समय पर ट्रैक करते रहते हो तो आपको मार्किट की एकाएक गिरावट देखकर जल्दबाजी में कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए।

निवेशकों को एक ही बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब मार्किट Remarkebly डाउन होगा तो उनको स्टॉक्स को खरीदना चाहिए तथा इसी प्रकार ऊपर जाने पर स्टॉक्स को बेच देना चाहिए लेकिन मार्किट के High या Low की भविष्यवाणी करने की कोशिश कभी भी नहीं करनी चाहिए।

5. केवल Ratios को ही बहुत ज्यादा महत्व देना

किसी भी कंपनी की फाइनेंसियल स्टेटस तथा परफॉरमेंस को समझने के लिए फाइनेंसियल Ratios का एक बहुत बड़ा  योगदान रहता है लेकिन केवल इन Ratios के आधार पर ही किसी कंपनी में निवेश करने का निर्णय नहीं लेना चाहिए।

अनेक निवेशक इस बात से अनजान रहते है कि Ratios की भी एक सीमा होती है तथा बैलेंस शीट के कुछ कंपोनेंट्स भूतकाल की कॉस्ट के हिसाब से दर्शाए जाते है। इसलिए फाइनेंसियल Ratios के साथ साथ अन्य फैक्टर्स का भी ध्यान आपको रखना चाहिए ताकि आप अच्छे  स्टॉक्स का चयन कर पाए।

6. बहुत जल्दी प्रॉफिट बुक कर लेना

ट्रेडर्स मार्किट में शार्ट टर्म के लिए अपना पैसा लगते है जबकि इन्वेस्टर्स लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करते है। इस प्रकार निवेशक इन 2 स्थितियों में प्रॉफिट बुकिंग कर सकते है - पहला कारण तो यही हो सकता है कि कुछ फाइनेंसियल गोल्स को अचीव करने के लिए उनको कॅश फॉर्मेट में पैसों की जरूरत हो या फिर दूसरा कारण यह हो सकता है कि वो अपने पोर्टफोलियो को Rebalance करना चाहते हो।

कई बार ऐसा होता है जब आपका फाइनेंसियल गोल पूरा नहीं हो रहा होता तथा मार्किट में कोई नेगेटिव न्यूज़ भी नहीं होती लेकिन फिर भी आप थोड़े से प्रॉफिट को देखकर अपने स्टॉक्स बेच देते है उसकी वजह से आपको लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न नहीं मिल पाता। उदाहरण के तौर पर अगर आपका गोल एक होम लोन के लिए पैसे सेव करने का था तो आपको कार खरीदने के लिए अपने स्टॉक्स को जल्दी नहीं बेचना चाहिए।

अगर आप थोड़ा थोड़ा प्रॉफिट देखकर अपने स्टॉक्स को बेचते रहेंगे तो आप लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न कभी भी नहीं कमा पाएंगे। आपको एक अच्छा रिटर्न कमाने के लिए हमेशा धैर्य से काम लेना चाहिए।

7. Diversification की कमी

अगर आपके पोर्टफोलियो में भी अलग-अलग सेक्टर्स की अलग अलग कंपनियों के अनेक स्टॉक्स है तो यह एक अच्छे निवेश की निशानी है क्योंकि Diversification की कमी के कारन कई बार निवेशकों को भारी घाटा हो जाता है।

जब निवेशक किसी विशेष इंडस्टी के केवल कुछ स्टॉक्स में ही पैसा लगते है तथा जब वो इंडस्ट्री या वो गिने चुने स्टॉक्स ही अच्छी परफॉरमेंस नहीं दिखाते तो निवेशकों को कई बार भारी लॉस होता है।

इसलिए आपका पोर्टफोलियो पर्याप्त रूप से Diversify होना चाहिए।

निष्कर्ष

तो इस प्रकार हमने नए निवेशकों द्वारा की जाने वाली 7 गलतियों के बारे में चर्चा की लेकिन सारी गलतियों को सुधारना एक नए निवेशक के लिए पहली बार काफी मुश्किल हो जाता है लेकिन अनुभव के साथ अगर आप हमेशा कुछ नया सीखते रहे तो अच्छा रिटर्न मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती है।

शेयर मार्किट में निवेश करने से पहले निवेशकों को शार्ट टर्म फाइनेंसियल गोल्स की बजाय लॉन्ग टर्म फाइनेंसियल गोल्स पर फोकस करना चाहिए। रिसर्च करने की कला का विकास करके निवेशक इन सारी गलतियों को दूर कर सकते है तथा अच्छा रिटर्न कमा सकते है।

धन्यवाद !!

About the Author: Koja Ram | 30 Post(s)

Koja Ram is a 2nd year B Tech student at National Institute of Technology Jalandhar pursuing Chemical Engineering. He has a great ability to explain complicated financial terms in simple hindi language. He has an aim to make India financially literate. 

Liked What You Just Read? Share this Post:

Finology Blog / Hindi / पहली बार Invest करते समय निवेशकों द्वारा की जाने वाली 7 गलतियां

Wanna Share your Views on this? Comment here: